दिवाली पर आपके घर में बहुत सी मिठाईयां आईं होंगी लेकिन मध्य प्रदेश के कई ऐसे गरीब परिवार हैं जिनके घर दिवाली की मिठास फीकी है. वजह है राशन की दुकानों पर चीनी का न मिलना.
दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से चीनी पर सब्सिडी खत्म करने के बाद बीते कई महीने से मध्य प्रदेश में राशन की दुकानों पर चीनी मिलना बंद हो गई है. दिवाली के मौके पर भी गरीबों को चीनी नहीं मिली है.
हालांकि, सरकार का दावा है कि उसने अंत्योदय परिवारों को राहत देने के लिए चीनी का ज़रुरत भर कोटा जारी किया है लेकिन ये कोटा बुधवार तक भी कई राशन दुकानों तक नहीं पहुंचा और जहां पहुंचा भी है वो ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है.
राज्य सरकार टेंडर के जरिए कोटे की चीनी खरीदती है. जो 40 से 42 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिलती है. इस पर केंद्र सरकार की ओर से प्रति किलो 18 रुपए 50 पैसे सब्सिडी मिल रही थी जबकि राज्य सरकार डेढ़ से तीन रुपए प्रति किलो के हिसाब से सब्सिडी देती थी.
राशन की दुकानों पर उपभोक्ताओं को 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से चीनी मिलती थी. लेकिन केंद्र की ओर से चीनी पर सब्सिडी बंद किए जाने के बाद चीनी का स्टॉक राशन की दुकानों पर नहीं पहुंच रहा है और गरीबों को बाजार दर पर महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है.
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