रेस्टोरेंट में खाना इस हफ्ते से सस्ता हो जाएगा. दरअसल जीएसटी (गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स) काउंसिल ने पिछले हफ्ते रेस्टोरेंट में खाने पर टैक्स में कमी करने का जो ऐलान किया था. वह आज से लागू हो रहा है. इस फैसले के बाद आपका बिल 5-6 फीसदी सस्ता हो गया है. काउंसिल ने सभी रेस्टोरेंट में खाने पर 18 की जगह 5 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया.
इस फैसले से एक करोड़ या उससे ज्यादा रेवेन्यू वाले रेस्टोरेंट इनपुट टैक्स क्रेडिट के फायदे से दूर हो जाएंगे, क्योंकि वे कंस्यूमर्स को इसका फायदा नहीं दे रहे थे.
होगा इतने रुपए का फायदा
> अगर आपके खाने का बिल 1000 रुपए होता है.
> पुराने टैक्स के हिसाब से आपको बिल पर 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ता था.
> खाने के बिल पर टैक्स 180 रुपए बैठता था. उस समय आपका टोटल बिल 1180 रुपए होता
> वहीं, अब नए टैक्स रेट्स के हिसाब से आपको 5 फीसदी टैक्स यानी बिल पर 50 रुपए चुकाने पड़ेंगे.
> आपका बिल बढ़कर 1050 रुपए हो जाएगा. आपको कुल 130 रुपए का फायदा हुआ.
खाना पैक करवाने पर भी आप चुका रहे थे मोटा टैक्स
पहले जीएसटी में यदि रेस्टोरेंट के किसी भी हिस्से में एसी लगा है तो भी उस पर 18 फीसदी जीएसटी लगा हुआ था. इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति एसी रेस्टोरेंट से खाना पैक करवाकर अपने घर ले जाता था तो भी उसे 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ रहा था.
सरकार ने यहां भी दी राहत
7500 रुपए या इससे अधिक के रूम रेंट वाले होटलों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ जीएसटी की दर 18 फीसदी तय की गई है. पहले जीएसटी संरचना में नॉन एसी रेस्टॉरेंट पर 12 फीसदी और एसी रेस्टोरेंट पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता था. फाइव स्टार होटल के मामले में यह दर बहुत अधिक 28 फीसदी थी.
वित्त मंत्री
— अरुण जेटली
ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद कहा था कि,
वे लोग कंस्यूमर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं पहुंचा रहे थे, इसलिए वह इस लाभ के अधिकारी नहीं हैं.
क्या मिलेगा कंज्यूमर्स को पूरा फायदा
नेशनल रेस्तरां असोसिएशन ऑफ इंडिया मेन्यू प्राइस बढ़ाने का ऐलान किया है, क्योंकि जीएसटी काउंसिल के फैसले के बाद उन्हें अब इनपुट क्रेडिट नहीं दिया जाएगा. इससे उनकी लागत 10 फीसदी तक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
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