संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सतर्कता - JBP AWAAZ

Breaking

Friday, 7 April 2017

संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सतर्कता

स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश जारी
गुना। कलेक्टर राजेश जैन ने ग्रीष्म ऋतु में पनपने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के स्वास्थ्य अधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी समेत अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व, खण्ड चिकित्सा अधिकारियों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारियों जनपद को भेजे पत्र में कहा कि ग्रीष्म ऋतु  प्रारंभ हो चुकी है और ऐसे समय में पीने के स्वच्छ पेयजल के अभाव में जल जनित बीमारियां जैसे उल्टी, दस्त, हैजा एवं आंत्ररोध जैसी बीमारियां होने की संभावना बनी रहती है।
कलेक्टर ने समस्त खण्ड चिकित्साधिकारियों को हिदायत दी है कि वे अपने समस्त ग्रामों में डिपोहोल्डर्स को सक्रिय करें। डिपोहोल्डर्स के पास ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन गोली, पैरासिटामॉल, मैट्रोजिल, क्लोरोक्वीन की गोलियों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करें। इन दवाईयों के उपयोग हेतु उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया जावे। साथ ही समस्त जिला एवं खण्ड स्तरीय काम्बेट टीमों को सक्रिय किया जावे। किसी भी क्षेत्र से किसी महामारी की सूचना मिलने पर तुरंत खण्ड एवं जिला स्तरीय टीमें तत्काल मौके पर पंहुचकर उपचारात्मक कार्रवाई करें। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आपसी समन्वय से स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही शहरी क्षेत्रों में नगरपालिकाएं एवं नगर पंचायतें पीने के स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रति सप्ताह क्लोरीनेशन किया जाना भी सुनिश्चित किया जावे।
कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जिले में जहां कुएं हैं, उनका प्रतिमाह शुद्धिकरण किया जावे एवं इनका रिकार्ड संधारित किया जावे। इसके अतिरिक्त हैण्डपंप व अन्य जल स्त्रोतों के शुद्धिकरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जावे। आंत्रशोध जैसी बीमारी होने पर प्रति सप्ताह एवं महामारी होने पर प्रति दिवस क्लोरीनेशन किया जावे। उक्त कार्य पंचायत एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मिलकर किया जावे। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को हिदायत दी है कि स्वास्थ्य विभाग के समस्त जिला, खण्ड एवं सेक्टर स्तरीय अधिकारी, पर्यवेक्षक, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में कोई भी महामारी न फैलने पाए। किसी अप्रिय घटना की स्थिति निर्मित होने की दशा में जिला कार्यालय को तुरंत सूचित करने के साथ ही उपचारात्मक कार्रवाई करें।

No comments:

Post a Comment

Whatsapp status