नई दिल्लीः हमारे देश की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन को लुटेरों ने दो रुपये के सिक्के से रोक दिया और वारदात का अंजाम देकर चलते बने. जी हां आपको ये जानकर हैरानी होगी की एक तरफ हम अपने देश में बुलेट ट्रेन के चलने का सपना देख रहे है. लेकिन हमारे देश की सबसे सुरक्षित माने जाने वाली गाड़ियों में भी लूटपाट करना अपराधियों के लिए कितना आसान है ये इस वारदात के बाद साफ हो गया. दरअसल 8 और 9 अप्रैल की रात पटना राजधानी एक्सप्रेस में हुई लूट कांड में शामिल चार लुटेरों को पुलिस ने धर दबोचा है. बक्सर के अलग-अलग जगहों से पकड़े गए लुटेरों के पास से पुलिस ने लूटे गए जेवरात और नकदी बरामद की है.
इसके साथ ही पुलिस ने लूट की घटना और तरीके पर से भी पर्दा उठाया है. लुटेरों की निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया. सभी लोगों से मुगलसराय में पूछताछ हो रही है. पूछताछ के क्रम में लुटेरों ने बताया कि पटना राजधानी एक्सप्रेस के ए-1, बी-7 और बी-8 बॉगी में सो रहे यात्रियों से लूटपाट की गई थी. पकड़े गए लुटेरों में औद्योगिक थाना क्षेत्र के पालापुर निवासी चंदन वर्मा उर्फ ठेकुआ, करमन टोली बक्सर निवासी के राजा मियां, जज कॉलोनी निवासी फतेह हुसैन तथा औद्योगिक थाना क्षेत्र के पडरी गांव निवासी ओमप्रकाश राम उर्फ सावंत शामिल हैं. इनकी निशानदेही पर दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने इनके पास से एक बाइक भी बरामद की है.
कैसे बनाया लूट का प्लान
इस लूट कांड का मास्टर माइंड राजा मियां है जो ट्रेन के टिकटों की दलाली करता है और ऑटो भी चलाता है. लूट की घटना की रात ये लोग बक्सर से डुमरांव पहुंचे फिर वहां से गमहर पहुंचे। डुमरांव में ही इन लोगों ने लूट की प्लानिंग को अंजाम दिया. राजा को पता था कि राजधानी एक्सप्रेस रात में 3 बजकर 30 मिनट पर गमहर से गुजरती है. इससे पहले सभी लुटेरे वहां हथियार लेकर पहुंच गए.
2 रुपये के सिक्के से कैसे रोकी राजधानी एक्सप्रेस
जैसे ही ट्रेन गमहर सिग्नल को पार करने वाली थी तभी इन लोगों ने रेलवे ज्वाइंट पर 2 रुपये का सिक्का डाल दिया, इससे सिग्नल लाल हो गया और ट्रेन रुक गई. ट्रेन रुकते ही ये लोग ट्रेन में सवार हो गए और लूट को अंजाम देकर फरार हो गए. ट्रेन से उतरने के बाद लुटेरों ने 19 हजार रुपये को आपस में बांट लिया था. इसके बाद सभी अपने घर के लिए अलग-अलग रवाना हो गए.
2016 में भी सिग्नल लाल कर राजधानी को लूटने की हुई थी कोशिश
बीते वर्ष मिर्जापुर में 1 रुपये के सिक्के रखकर सिग्नल लालकर राजधानी एक्सप्रेस को लूटने की कोशिश की गई थी, जिसका खुलासा मुगलसराय जीआरपी के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक त्रिपुरारी पाण्डेय ने 22 मई 2016 को करते हुए लुटेरों को जेल भेज दिया था. वह याद फिर से ताजा हो गई. इससे एक बात तो साफ हो गई कि दानापुर-मुगलसराय रेलखंड यात्रियों के लिए अब सेफ जोन नहीं रह गया है.

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