सरकार ने कहा है कि पेंशन सेवाओं और भविष्य निधि की सेवाओं के लिए फिलहाल आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने आज यहां कहा कि कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) 1995 के सदस्यों और पेंशनधारकों को 31 मार्च, 2017 तक अपनी आधार संख्या जमा कराना आवश्यक है। लेकिन अगर किसी सदस्य के पास आधार संख्या नहीं है तो उन्हें पेंशन प्रक्रियाओं और मासिक पेंशन भुगतान के दावों के निपटान के लिए आधार नामांकन पहचान पर्ची लगानी होगी। अगर पेंशन योजना का सदस्य ‘फॉर्म 10 सी’ में आवेदन करके 10 वर्ष से कम की सेवा काल से बाहर आने का निर्णय लेता है, तो उस मामले में आधार संख्या की आवश्यकता नहीं है।
सुविधा और दक्षता बढ़ाने के सतत प्रयासों की दिशा में यूएएन से जुड़े ग्राहकों की आधार संख्या के लिए फार्म संख्या 19 (यूएएन), 10सी (यूएएन) और 31 (यूएएन) के स्थान पर एक पृष्ठ का समग्र दावा फॉर्म (आधार) लाया गया है। यह फार्म नियोकता के सत्यापन के बिना जमा करवाया जा सकता है। जिस व्यक्ति के पास आधार और उनके यूएएन बैंक की विस्तृत जानकारी नहीं है, उनके लिए मौजूदा फॉर्म संख्या 19, 10सी और 31 के स्थान पर नया समग्र दावा फॉर्म है जिसमें आधार कार्ड की जरुरत नहीं है। इसके अतिरिकत मृत्यु के मामले में मौजूदा फॉर्म नम्बर 20, 5-आईएफ और 10-डी के स्थान पर एक समग्र दावा फॉर्म है। सदस्य की मृत्यु होने पर दावेदार इस एक पेज के समग्र दावे फॉर्म के जरिए भविषय निधि, बीमा निधि और मासिक पेंशन के दावे के लिए आवेदन कर सकता है।

No comments:
Post a Comment