हर साल मध्यप्रदेश के 100 अस्पताल हो रहे डॉक्टर विहीन - JBP AWAAZ

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Friday, 3 March 2017

हर साल मध्यप्रदेश के 100 अस्पताल हो रहे डॉक्टर विहीन

भोपाल। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों की नई पौध सरकारी नौकरी में आने को तैयार नहीं है। पुराने रिटायरमेंट की कगार पर हैं। हर साल करीब 100 अस्पताल डॉक्टर विहीन हो रहे हैं। अगर हालात जल्द नहीं बदले तो आने वाले दस सालों में अधिकांश सरकारी अस्पताल डॉक्टर विहीन हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज पर ही निर्भर रहना होगा।
प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मिलाकर 657 अस्पताल बिना डॉक्टर के हैं। तीन साल पहले डॉक्टर विहीन अस्पतालों की संख्या 374 थी। यानी हर साल लगभग 100 अस्पताल डॉक्टर विहीन हो रहे हैं। सीएचसी में छह विशेषज्ञ होने चाहिए, लेकिन करीब 22 सीएचसी में एक भी डॉक्टर नहीं है।
90 फीसदी सरकारी डॉक्टरों की उम्र 50 पार है। यानी 10 सालों के भीतर 70 से 80 फीसदी मौजूदा डॉक्टर रिटायर हो जाएंगे। पीएससी से हर दूसरे साल भर्ती के बाद भी जरूरत के एक तिहाई डॉक्टर भी नहीं मिल रहे। हाल ही में मेडिकल ऑफिसर के 1871 पदों के लिए सिर्फ 900 डॉक्टर साक्षात्कार देने पहुंचे।

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