पटना। बिहार बोर्ड टोपर को लेकर चर्चा में रहें बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में फैला जाल पुलिस पकड़ में आने का नाम नहीं ले रहा है। आये दिन बिहार में शिक्षा से जुड़े घोटाले और पेपर लीक के मामले सामने आते रहते है। इसी कड़ी में एक और मामला सामने आया है जहाँ “बिहार कर्मचारी चयन आयोग” के दूसरे चरण की परीक्षा का पेपर माफियाओं ने एक दिन पहले ही अभ्यर्थियों में बाँट दिया। इस मामले में पुलिस ने परीक्षा में सेटिंग कराने वाले गिरोह के का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सेंटर पर छापे मारे जहाँ से पुलिस ने पवन कुमार, विपिन कुमार, नवनीत कुमारको गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक यह एक हफ्ते में दूसरा मामला है जब इस तरह से परीक्षा से पहले सेटरों से गिरफ़्तारी हुई है। पकडे गए आरोपियों के पास से पुलिस ने ब्लूटूथ, सिमकार्ड, माइक्रो बैटरी, आधुनिक डिवाइस, माइक्रो एयर फोन, सहित कई नक़ल करने वाले उपकरण बरामद किये हैं। इन लोगों ने ऊपर तक बीएससएसी की इंटरस्तरीय परीक्षा के लिए सेटिंग की हुई थी। पकडे गए आरोपियों के सरगना से पुलिस को एक डायरी मिली हैं, जिसमें कई बड़े लोगों के नाम, मोबाइल नंबर, पते व अन्य जानकारियां हैं। मुख्य सरगना पुलिस कि गिरफ्त से फरार होने में कामयाब रहा। जिसकी तलाशी के लिए पुलिस ने टीम का गठन किया हुआ है।
एक अभ्यथीं से वसूले छह लाख
पकडे गए आरोपी ने बताया कि वह लोग नक़ल के लिए एक अभ्यर्थी से 6 लाख रूपए वसूलते थे और उनकी नौकरी लगवाते थे। अभ्यर्थियों से उन्होंने कई लाख रूपए नकद में लिए हुए थे जबकि बाकी रकम परीक्षा के बाद आनी थी।
डायरी में सेटरों के राज ढूंढ रही पुलिस
मिली डायरी में अभ्यर्थियों के नाम, पते से लेकर सभी जानकारियां उपलब्ध हैं। साथ ही साथ कितनी रकम में सौदा हुआ जबकि कितनी अभी आना बाकि है और कोण लोग उनकी मदद करेगा। यह साडी जानकारी डायरी में लिखी हुई है। अभी तक यह गिरोह 100 से अधिक लोगों की नौकरी लगवा चुनक है।

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