राष्ट्रपति भवन की दस्तावेजीकरण परियोजना बेवसाइट पर - JBP AWAAZ

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Friday, 24 February 2017

राष्ट्रपति भवन की दस्तावेजीकरण परियोजना बेवसाइट पर

राष्ट्रपति भवन की बृहद् दस्तावेजीकरण परियोजना जल्द ही वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) के सहयोग से शुरू की गई सहपीडिया की यह महत्वाकांक्षी परियोजना उसकी वेबसाइट पर संक्षिप्त वेब आधारित मॉड्यूल के रूप में उपलब्ध करायी जाएगी, जो राष्ट्रपति भवन पर जानकारी चाहने वालों और शोधकर्ताओं के लिए यह काफी मूल्यवान साबित होगी।देश की कला, संस्कृति और विरासत पर एक खुले आॅनलाइन स्रोत सहपीडिया ने इस परियोजना पर 2014 में काम शुरू किया और उसने राष्ट्रपति भवन के वास्तुकला, कला, उद्यान और इतिहास जैसे विभिन्न पहलुओं को बहुत ही खूबसूरती से सचित्र पुस्तकों के रूप में संकलित किया है।
पुस्तकों के 11 खंडों में सात मुख्य खंड और चार अतिरिक्त खंड हैं। इसके अलावा दो खंड बच्चों के लिए भी है। सभी खंडों में ऐतिहासिक इमारत का पूरा ब्योरा दिया गया है, जो पहले कभी वायसराय हाउस के नाम से जाना जाता था। पुस्तकों की सूची में शामिल हैं ”राइट आॅफ लाइन: द प्रेसिडेंट्’स बॉडीगार्ड’, ‘द प्रेसिडेंशियल रिट्रीट्स आॅफ इंडिया’, ‘फर्स्ट गार्डेन आॅफ द रिपब्लिक: नेचर इन द प्रेसिडेंट्’स इस्टेट’, ‘ए वर्क आॅफ ब्यूटी: द आर्किटेक्चर एंड लैंडस्केप आॅफ राष्ट्रपति भवन’, ‘द आर्ट्स एंड इंटीरियर्स आॅफ राशष्ट्रपति भवन: लुटियन्स एंड बेयंड’, ‘एराउंड इंडिया’ज फर्स्ट टेबल: डायंनिंग एंड इंटरटेंनिंग एट द राष्ट्रपति भवन’ और ‘लाइफ एट राष्ट्रपति भवन’। सहपीडिया के परियोजना प्रबंधक यशस्विनी चंद्रा ने कहा, ”हमने पुस्तकों के साथ-साथ वेब मॉड्यूल की एक श्रृंखला भी तैयार की है और जल्द ही उन सभी को सहपीडिया की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। ये इमारत के इतिहास और विरासत की बेहतर समझ हासिल करने के लिए शोधकर्ताओं और आम लोगों दोनों के लिए मूल्यवान होंगे। सहपीडिया की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुधा गोपालकृष्णन ने कहा कि सहपीडिया भक्ति परंपराओं और अन्य संस्थानों का भी दस्तावेजकरण करेगा।

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