इंफाल। मणिपुर में तीन महीने से अधिक समय से चल रही आर्थिक नाकेबंदी को लेकर भाजपा ने फिर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नाकेबंदी कांग्रेस की योजना का हिस्सा है। राज्य सरकार इसे खत्म करने को लेकर गंभीर नहीं है।
नाकेबंदी के पीछे भाजपा का हाथ होने के कांग्रेस के आरोपों को जावड़ेकर ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी और कांग्रेस को अच्छी तरह पता है कि वे चुनाव हारने वाले हैं। इसी कारण वे नाकेबंदी जारी रहने देना चाहते हैं। कांग्रेस की योजना पैसे से शक्ति और शक्ति से पैसा बनाने की रही है।’ राज्य में पिछले कुछ समय में भाजपा का समर्थन तेजी से बढ़ा है और इसीलिए कांग्रेस ने इस नाकेबंदी को हवा दी है।
मणिपुर चुनाव के केंद्र में आर्थिक नाकेबंदी का मुद्दा
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने आर्थिक नाकेबंदी का मुद्दा संसद में उठाने की बात कही है। पार्टी ने कहा कि हम किसी भी तरह की नाकेबंदी और बंद के पक्षधर नहीं हैं। चुनाव आयोग को भी इसे खत्म कराने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। राज्य में नाकेबंदी के कारण चुनावी सामग्री से जुड़ा व्यापार करने वाले दुकानदार परेशान हैं। उनका कारोबार लगभग ठप पड़ गया है।
इरोम की पार्टी ऑनलाइन जुटा रही चंदा
मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला की पार्टी पीपुल्स रिसर्जेस एंड जस्टिस एलायंस (पीआरजेए) फंड और कार्यकर्ताओं की कमी से जूझ रही है। पार्टी ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से धन जमा कर रही है। साथ ही लोगों तक पहुंचने के लिए साइकिल पर प्रचार किया जा रहा है। यह मणिपुर का पहला क्षेत्रीय दल है, जो चुनावी खर्चे को वहन करने के लिए वेबसाइट के माध्यम से धन जुटा रहा है। पीआरजेए के संयोजक एरिंड्रो लेइचोनबाम ने कहा कि चंदे के लिए धन जमा करना यह बताता है कि हमारी पार्टी जब शासन में आएगी तो लोगों के प्रति जवाबदेह रहेगी।

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