विकलांग होना किसी के लिए भी अभिशाप से कम नहीं होता... लेकिन अगर किसी इंसान का हौंसला मजबूत और इरादा पक्का हो तो वो एक आम इंसान की तरह हर काम आसानी से कर सकता है। फिर चाहे बात बिना हाथों के स्विमिंग और स्केटिंग सीखने की हो या फिर पैरों से कार चलाकर पर्मानेंट लाइसेंस पाने की। कुछ ऐसा ही गजब का जज्बा देखने को मिला 46 वर्षीय विक्रम अग्निहोत्री में।
मध्यप्रदेश के इंदौर में रहन वाले विक्रम पेशे से व्यापारी है। विक्रम बचपन में एक हादसे के दौरान अपने दोनों हाथ गवां बैठे थे लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी इस कमजोरी को अपने आगे आड़े नहीं आने दिया। यही वजह है कि वो अब अपने पैरों के दम पर कार इतनी कुशलता के साथ चला लेते है, जिसे देखकर हर कोई दांतो तले अंगुली दबा ले।
विक्रम के पास ‘अस्थाई ड्राइविंग लाइसेंस’ भी है
विक्रम ने अपनी इस कुशलता के दम पर परिवहन विभाग के सामने ड्राइविंग टेस्ट पास करके अस्थाई ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर लिया है। हालांकि वो पर्मानेंट लाइसेंस चाहते हैं, जिसमें कई कानूनी अड़चनें सामने आ रहीं हैं।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी है विक्रम
विक्रम अग्निहोत्री बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। वो सिर्फ पैरों से कार नहीं चला लेते बल्कि नाक के सहारे टच स्क्रीन फोन चला लेते हैं। इतना ही नहीं पैरों से लैपटॉप-कम्प्यूटर और अच्छी राइटिंग में पैरों से आर्टिकल भी लिख लेते हैं।

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