बजट 2017: रेलवे के सलाना बजट में 22 फीसदी की बढ़ोतरी, IRCTC से टिकट बुकिंग हुआ सस्ता - JBP AWAAZ

Breaking

Wednesday, 1 February 2017

बजट 2017: रेलवे के सलाना बजट में 22 फीसदी की बढ़ोतरी, IRCTC से टिकट बुकिंग हुआ सस्ता

नई दिल्ली :अरुण जेटली ने बुधवार को साल 2017-18 के लिए बजट पेश करते हुए रेलवे के लिए भी कई बड़ी घोषनाएं की। आजादी के बाद पहली बार आम बजट के साथ रेलवे बजट में 22 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की।
वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए 1.35 लाख करोड़ रुपयों की मंजूरी दी। पिछले दो साल में रेलवे के बजट में जबर्दस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। साल 2014-15 में 65,000 करोड़ से से बढ़कर पिछले साल यह 1,00,011 करोड़ तक पहुंचा था।
जेटली ने बजट पेश करते हुए अगले पांच वर्षो में 1,00,000 करोड़ रुपये के रेलवे सुरक्षा कोष की स्थापना करने का ऐलान किया। जेटली ने संसद में बजट पेश करते हुए कहा, 'अगले पांच वर्षो में 1,00,000 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे सुरक्षा कोष की स्थापना की जाएगी।'
उन्होंने कहा कि रेलवे को 2017-18 में पूंजीगत व्यय और विकास क्षेत्र में खर्च के लिए 1,31,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
जेटली ने स्वच्छ भारत अभियान पर जोर देते हुए कहा, 'रेलवे द्वारा 'क्लीन माय कोच' नाम से एसएमएस आधारित सेवा शुरू की गई है और सभी रेलगाड़ियों में साल 2019 तक बायो टॉयलट होंगे।'
IRCTC से टिकट बुकिंग सस्ता
वित्त मंत्री ने रेलवे ई-टिकटों के लिए सेवा शुल्क समाप्त करने की भी घोषणा की। इसके तहत अब इंटरनेट से टिकट बुक करने पर कोई सर्विस चार्ज नहीं लगेगा।
अरुण जेटली ने कहा कि मेट्रो रेल के लिए नई नीति की घोषणा की जाएगी जिससे देश में रोजगार भी बढ़ेंगे। साथ ही टूरिज्म और धार्मिक यात्राओं के लिए अलग से ट्रेनें भी शुरू की जाएंगी। जेटली ने बताया कि ट्रेनों में बायो टॉयलट लगाने का काम 2019 तक समाप्त कर लिया जाएगा।
जेटली के मुताबिक 25 चुनिंदा स्टेशनों का निर्माण स्पेशल डिजाइन के तहत निर्माण किया जाएगा। 500 से अधिक रेलवे स्टेशनों को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा और वहां एलेवेटर और एस्केलेटर की भी सुविधा होगी।
साथ ही SMS से क्लीन माय कोच सर्विस की सुविधा मौजूद होगी और 2,000 रेलवे स्टेशन पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जेटली ने कहा, 'अगले वित्त वर्ष में लगभग 3,500 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बिछाए जाएंगे।'

No comments:

Post a Comment

Whatsapp status