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Wednesday, 1 February 2017

तू 75 बरस की, मैं 77 बरस का…मिल गए नैना, पर अब नहीं दूर रहना

जमुई| कहा जाता है कि प्यार में न सीमाओं का बंधन होता है और न ही उम्र आड़े आती है। ऐसा ही एक मामला बिहार के जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड में सामने आया है, जहां एक 77 साल के एक प्रवासी भारतीय को 75 वर्षीय एक जर्मन महिला से प्यार हो गया और दोनों हिंदू रीति-रिवाज के साथ परिणय सूत्र में बंध गए। मजेदार बात यह कि इन दोनों की जान-पहचान फेसबुक के जरिए हुआ था। जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड के धोवनघट निवासी 77 साल के प्रवासी भारतीय शत्रुघ्न प्रसाद सिंह कोलकाता से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद जर्मनी में नौकरी की और वहीं हैम्बर्ग क्रोनेनबर्ग में बस गए।

फेसबुक के जरिये बुढापे में मिला सात समुन्दर पार का जीवनसाथी

  • कई वर्षो तक नौकरी करने के बाद वह कुछ साल पहले सेवानिवृत्त हो गए। इसी बीच सितंबर, 2014 में उनकी पत्नी का देहांत हो गया।
  • शत्रुघ्न कहते हैं कि इस सदमे और अकेलेपन से निकलना चाहते थे, मगर यह इतना आसान नहीं था।
  • इसी क्रम में फेसबुक के माध्यम उनकी दोस्ती जर्मनी की 75 वर्षीया इडलटड्र हबीब से हुई।
  • इडलटड्र हैम्बर्ग की रहने वाली हैं। पांच वर्ष पूर्व उनके भी पति का निधन हो चुका था।
  • शत्रुघ्न कहते हैं कि फेसबुक पर हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और फिर हम दोनों साथ में आगे की जिंदगी गुजारने का निश्चय किया।
  • वह कहते हैं कि इसके बाद भारत में रह रहे परिवारों को इसकी जानकरी दी।
  • परिजनों ने भी इस विवाह पर सहमति दे दी।
  • इस दौरान हबीब ने भारत में हिंदु रीति-रिवाजों से विवाह करने की इच्छा व्यक्त की,
  • जिसे शत्रुघ्न ने भी खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों प्रेमीयुगल धोवनघट पहुंचे,
  • जहां रविवार को पंतेश्वर मंदिर में धूमधाम से दोनों ने शादी रचाई।
  • जर्मनी दुल्हन कहती हैं कि मैं काफी खुश हूं और किताबों के जरिए हिंदी सीख रही हूं।
  • मुझे भारत और यहां के लोग अच्छे लगते हैं।
  • बहरहाल, इंटरनेट से शुरू हुई मोहब्बत को मुकाम हासिल हो गया, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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