इलाहाबाद : नोटबंदी के बाद से देश में बदले हालात के बीच इलाहाबाद का हाल कुछ अलग है। यहां लोगों को नोटबंदी के समर्थन के लिए जागरूक किया जा रहा है। समर्थन के लिए भी जागरूकता अभियान ऐसा वैसा नहीं, बल्कि शहीद हुए वीर जवानों का उदाहरण देकर।
यहां पोस्टर चस्पा कर बैंक ग्राहकों से अनुरोध किया जा रहा है कि ‘जरा याद करिए उस देशभक्त फौजी हनुमनथप्पा को, जो देश के लिए छह दिन बर्फ के नीचे दबे रहे। आप भी थोड़ा सब्र कीजिए। कुछ दिन जरूरतों पर खर्च कीजिए, शौक पर नहीं। कुछ दिन समझौता कीजिए, शिकायत नहीं। कुछ दिन समझदारी दिखाइए, असंतोष नहीं। बस कुछ दिन की तो बात है दोस्तों अपना देश बदल रहा है।‘
दरअसल, नोटबंदी के दौर में यहां के ग्रामीण अंचल की एक बैंक शाखा में कुछ ऐसी ही अपीलें हैं। इसमें अनुरोध है नोट बंदी के समर्थन का और इसके लिए याद दिलाई जा रही है जवानों की देशभक्ति। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की सरायइनायत शाखा में लगे ऐसे पोस्टर बरबस लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं।
बहादुरपुर ब्लाक के भागीपुर गांव को बैंक ने पहले ही गोद ले रखा है, जागरूक करने के लिए। अब लोगों को कैशलेस होने के फायदे बताए जा रहे हैं। भागीपुर गांव के 372 लोग बैंक के खाताधारक हैं। सभी ने एटीएम कार्ड के लिए प्रार्थनापत्र दे दिया है। जल्द ही सबको यह कार्ड मिल जाएंगे। विशेषज्ञों की टीम युवाओं को स्वाइप मशीन, मोबाइल से ट्रांजेक्शन का गुर सिखा रही है। गांव के युवा सूरज सिंह कहते हैं कि जमाने के साथ कदमताल के लिए हमें भी यह सब सीखना पड़ेगा।
आखिर आने वाले समय इसका ही है। गांव प्रधान राजेंद्र प्रसाद सिंह ने भी एटीएम कार्ड के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। किसान रामचंद्र को भी एटीएम कार्ड का इंतजार हैं। शाखा प्रबंधक आशीष राय कहते हैं कि परिसर में लगे पोस्टरों से ग्रामीणों में देशभक्ति की भावना जागृति हो रही है और नकदी का संकट सहते हुए भी वह नोटबंदी के हक में हैं। बताया कि भागीपुर में प्रशिक्षण तो चल ही रहे हैं, अब रैलियों व गोष्ठियों के माध्यम से भी कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए जागरूकता फैलाई जाएगी। उन्होंने दावा कि जल्द ही यह गांव जिले का पहला कैशलेस गांव बन जाएगा।
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