काबुल/नई दिल्ली. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल की दो मस्जिदों में शुक्रवार रात फिदायीन हमला हुआ। इसमें 63 लोग मारे गए और 120 घायल हुए। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। काबुल में सिक्युरिटी एजेंसीज को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यहां ज्यादातर देशों की एम्बेसीज हैं। हमलावर मस्जिद में पहुंचा और खुद को उड़ा लिया...
- अफगान सेना के मेजर जनरल अलीमस्त मोहम्मद ने बताया कि काबुल में एक शिया मस्जिद पर हमला किया गया। इस आत्मघाती हमले में कम से कम 30 लोग मारे गए। इसके अलावा एक सुन्नी मस्जिद में भी हमला किया गया जिसमें कम से कम 33 लोग मारे गए हैं।
पहला हमला
- हाल के दिनों में अफगानिस्तान में शिया कम्युनिटी पर हमले तेज हुए हैं। पहला हमला इमाम जमान मस्जिद में हुआ जो काबुल के दश्त-ए-बारची इलाके में है। यहां शुक्रवार की नमाज के लिए लोग जुटे थे। हमलावर मस्जिद में मौजूद लोगों के बीच पहुंचा और उसने खुद को उड़ा लिया।
- पाकिस्तान के समा न्यूज चैनल के मुताबिक, घटना के बाद मस्जिद में मारे गए लोगों की बॉडीज बिखरी नजर आईं। चैनल की रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस ने 30 बॉडीज बरामद कर ली हैं। हमले में 45 लोग जख्मी भी हुए हैं।
दूसरा हमला
- वहीं दूसरा हमला घोर प्रांत की एक सुन्नी मस्जिद में किया गया है। घोर प्रांतीय पुलिस के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि एक लोकल नेता को निशाना बनाकर किए गए हमले में कम से कम 33 लोग मारे गए। जबकि 75 लोग घायल हुए है।
तालिबान और हक्कानी नेटवर्क पर शक
- दोनों हमले की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन इसका शक तालिबान और हक्कानी नेटवर्क पर है। अफगानिस्तान में हक्कानी नेटवर्क ही सबसे ज्यादा हमले करता है और अमेरिका पाकिस्तान पर इनके खिलाफ ही एक्शन लेने का दबाव डाल रहा है।
इस साल शिया मस्जिदों पर हमलों में 84 लोग मारे गए
- अफगान सेना के मेजर जनरल अलीमस्त मोहम्मद ने बताया कि अगस्त और सितंबर में भी काबुल में मस्जिदों पर दो हमले किए गए थे।
- संयुक्त राष्ट्र की पिछले हफ्ते जारी रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान में शिया कम्युनिटी के लोगों पर इस साल कई हमले किए गए। इस साल शिया मस्जिदों पर हुए हमलों में कम से कम 84 लोग मारे गए और 194 घायल हुए हैं।

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