उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए. योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा कि नमामि गंगे हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है.
डिंडौरी जिले के शहपुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नमामि गंगे को लागू करने की चुनौती से निपटने की प्रेरणा नर्मदा सेवा यात्रा सेवा से मिल रही हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा
-सीएम शिवराज सिंह को बताया देश का लोकप्रिय मुख्यमंत्री
-यूपी में नमामि गंगे परियोजना को लेकर बोले योगी, नमामि गंगे हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती
-पिछली सरकार ने कोई काम इस दिशा में नहीं किया
-मैं उसी कार्ययोजना को सीखने के लिए एमपी आया हूँ
-प्रधानमंत्री ने नमामि गंगे परियोजना के लिए पूरी ताकत लगाई
-प्रधानमंत्री ने गंगा को बचाने अभियान चलाकर कोई कसर नहीं छोड़ी
-मध्यप्रदेश में शिवराज ने नर्मदा को बचाने कोई कसर नहीं छोड़ी
-दुनिया की सबसे बड़ी नदी संरक्षण अभियान चलाने के लिए सीएम शिवराज का अभिनंदन
-12 साल पहले बीमारू राज्य के रूप में जाना जाने वाला मप्र आज कृषि के साथ अन्य क्षेत्रों में आगे है
-ये नदी संरक्षण ही नहीं बल्कि मानवता और सृष्टि के संरक्षण का अभियान है
-मैं आपको बधाई दूँगा कि गेहूं के उत्पादन में देश में सबसे आगे है.
-सरस्वती नदी अब दृश्य ही नहीं, उन्हें तलाशने की कोशिशें चल रही हैं, तमाम वैज्ञानिक काम कर रहे हैं.
-नमामि गंगे को लागू करने की चुनौती से निपटने की प्रेरणा नर्मदा सेवा यात्रा सेवा से मिल रही.
-उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश मिलकर काम करेंगे.
-जल संरक्षण के इस अभियान में मध्य प्रदेश को जब जरुरत पड़ेगी उत्तर प्रदेश सहयोग करेगा
केंद्रीय मंत्री के पारिवारिक कार्यक्रम में हुए शामिल
योगी आदित्यनाथ विशेष विमान से शुक्रवार दोपहर जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पहुंचे. महापौर स्वाति गोड़बोले ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह विशेष विमान से मंडला पहुंचे.
-योगी आदित्यनाथ सबसे पहले केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के गृहग्राम मंडला जिले के निवास तहसील के जेबरा बबलिया पहुंचे.
-यहां केंद्रीय मंत्री के घर पर आयोजित पारिवारिक आयोजन में शामिल हुए.
नर्मदा उद्गम स्थल से शुरू हुई यात्रा
नमामि देवी नर्मदे, नर्मदा सेवा यात्रा दिसंबर 2016 से शुरू हुई. यह यात्रा अमरकंटक में नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से शुरू हुई. इसके तहत दक्षिणी तट पर 1831 किलोमीटर की यात्रा होनी है. इसमें 548 गांव/कस्बे शामिल होंगे.
वहीं उत्तरी तट पर 1513 किलोमीटर की यात्रा होनी है, जिसमें 556 गांव/कस्बे आएंगे. इस प्रकार 144 दिनों में कुल 3344 किलोमीटर की यात्रा की जानी है. यात्रा के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे.
डिंडौरी जिले के शहपुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नमामि गंगे को लागू करने की चुनौती से निपटने की प्रेरणा नर्मदा सेवा यात्रा सेवा से मिल रही हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा
-सीएम शिवराज सिंह को बताया देश का लोकप्रिय मुख्यमंत्री
-यूपी में नमामि गंगे परियोजना को लेकर बोले योगी, नमामि गंगे हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती
-पिछली सरकार ने कोई काम इस दिशा में नहीं किया
-मैं उसी कार्ययोजना को सीखने के लिए एमपी आया हूँ
-प्रधानमंत्री ने नमामि गंगे परियोजना के लिए पूरी ताकत लगाई
-प्रधानमंत्री ने गंगा को बचाने अभियान चलाकर कोई कसर नहीं छोड़ी
-मध्यप्रदेश में शिवराज ने नर्मदा को बचाने कोई कसर नहीं छोड़ी
-दुनिया की सबसे बड़ी नदी संरक्षण अभियान चलाने के लिए सीएम शिवराज का अभिनंदन
-12 साल पहले बीमारू राज्य के रूप में जाना जाने वाला मप्र आज कृषि के साथ अन्य क्षेत्रों में आगे है
-ये नदी संरक्षण ही नहीं बल्कि मानवता और सृष्टि के संरक्षण का अभियान है
-मैं आपको बधाई दूँगा कि गेहूं के उत्पादन में देश में सबसे आगे है.
-सरस्वती नदी अब दृश्य ही नहीं, उन्हें तलाशने की कोशिशें चल रही हैं, तमाम वैज्ञानिक काम कर रहे हैं.
-नमामि गंगे को लागू करने की चुनौती से निपटने की प्रेरणा नर्मदा सेवा यात्रा सेवा से मिल रही.
-उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश मिलकर काम करेंगे.
-जल संरक्षण के इस अभियान में मध्य प्रदेश को जब जरुरत पड़ेगी उत्तर प्रदेश सहयोग करेगा
केंद्रीय मंत्री के पारिवारिक कार्यक्रम में हुए शामिल
योगी आदित्यनाथ विशेष विमान से शुक्रवार दोपहर जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पहुंचे. महापौर स्वाति गोड़बोले ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह विशेष विमान से मंडला पहुंचे.
-योगी आदित्यनाथ सबसे पहले केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के गृहग्राम मंडला जिले के निवास तहसील के जेबरा बबलिया पहुंचे.
-यहां केंद्रीय मंत्री के घर पर आयोजित पारिवारिक आयोजन में शामिल हुए.
नर्मदा उद्गम स्थल से शुरू हुई यात्रा
नमामि देवी नर्मदे, नर्मदा सेवा यात्रा दिसंबर 2016 से शुरू हुई. यह यात्रा अमरकंटक में नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से शुरू हुई. इसके तहत दक्षिणी तट पर 1831 किलोमीटर की यात्रा होनी है. इसमें 548 गांव/कस्बे शामिल होंगे.
वहीं उत्तरी तट पर 1513 किलोमीटर की यात्रा होनी है, जिसमें 556 गांव/कस्बे आएंगे. इस प्रकार 144 दिनों में कुल 3344 किलोमीटर की यात्रा की जानी है. यात्रा के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे.

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