चाणक्य नीति:इस विधि से किया गया हर कठिन कार्य भी होता है सहजता से पूर्ण - JBP AWAAZ

Breaking

Saturday, 29 April 2017

चाणक्य नीति:इस विधि से किया गया हर कठिन कार्य भी होता है सहजता से पूर्ण

आचार्य चाणक्य का जन्म करीब 300 ईसा पूर्व में हुआ माना जाता है। महान राजनीतिज्ञ अौर कुटनीतिज्ञ होने के साथ-साथ इन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना व चन्द्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। पाटलिपुत्र से संबंध होने के कारण उसे इन्होंने अपनी कर्मभूमि बनाया। आचार्य चाणक्य एक बड़े दूरदर्शी विद्वान थे। चाणक्य जैसे बुद्धिमान, रणनीतिज्ञ, चरित्रवान व राष्ट्रहित के प्रति समर्पित भाव वाले व्यक्ति भारत के इतिहास में ढूंढने से भी बहुत कम मिलते हैं। इनकी नीतियों में उत्तम जीवन का निर्वाह करने के बहुत से रहस्य समाहित हैं, जो आज भी उतने ही कारगर सिद्ध होते हैं। जितने कल थे। इन नीतियों को अपने जीवन में अपनाने से बहुत सी समस्याओं से बचा जा सकता है। चाणक्य के अनुसार उपाय से सारे कार्य संभव हैं।

उपायपूर्व न दुष्करं स्यात्।

भावार्थ:
उपाय से सभी कार्य पूर्ण हो जाते हैं। कार्य कितना भी कठिन क्यों न हो, यदि सही उपाय और प्रयत्न किया जाए तो सभी दुष्कर कार्य सहज ही पूरे हो जाते हैं। कार्य करने की इच्छा और दृढ़ संकल्प होना चाहिए।

No comments:

Post a Comment

Whatsapp status