इंदौर। अंगदान के मामले में एक बार फिर शहर ने इतिहास रचा है। 17 महीने में सोलहवीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। रिक्शा चालक ने अपनी ब्रेन डेड पत्नी का हार्ट और लीवर दान किया।
खास बात यह रही कि प्रदेश को पहली बार 'दिल" दान में मिला है। इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल में पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट और चोइथराम हॉस्पिटल में दूसरी बार लीवर ट्रांसप्लांट किया गया।
इधर ग्रीन कॉरिडोर का समय चार बार बदलना पड़ा इससे ट्रेफिक पुलिस सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक उलझी रही।

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