नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के मंत्री गायत्री प्रजापति को सोमवार को उस वक्त उच्चतम न्यायालय से झटका लगा, जब बलात्कार मामले में गिरफ्तारी पर रोक संबंधी उनकी याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी।
शीर्ष अदालत ने अपने पूर्व के आदेश में संशोधन करने से इन्कार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी है और कानून अपना काम करेगा। प्रजापति ने गिरफ्तारी से बचने के लिए शीर्ष कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
अखिलेश सरकार के मंत्री की दलील थी कि वह राज्य सरकार द्वारा की जा रही जांच में हमेशा शामिल हुए हैं और आगे भी होते रहेंगे। न्यायालय ने प्रजापति को सलाह दी कि वह संबंधित अदालत के समक्ष अपनी फरियाद लेकर जाएं।
प्रजापति पर 2014 में एक महिला के साथ बलात्कार करने और उसकी बेटी का यौन-उत्पीडऩ करने का आरोप है। प्रजापति इस विधानसभा चुनाव में अमेठी से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं। उन्हें गत 27 फरवरी को आखिरी बाद एक जनसभा में देखा गया था।

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