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Wednesday, 8 February 2017

इतिहास में पहली बार हाईकोर्ट के जज के खिलाफ SC में सुनवाई आज

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट के जज जस्टिस सीएस कर्णन के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता में सात जजों की पीठ इस मुद्दे पर बुधवार को ऐतिहासिक सुनवाई करेगी।
न्यायपालिका के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब हाईकोर्ट के कार्यरत जज पर सुप्रीम कोर्ट अवमानना की कार्यवाही करेगा। इसस पूर्व सुप्रीम कोर्ट अपने ही पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू पर कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही चला चुका है।
जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट तथा हाइकोर्ट के पूर्व व मौजूदा 20 जजों को भ्रष्ट बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले हफ्ते पत्र लिखा था। इस पत्र को सबसे पहले ‘हिन्दुस्तान’ ने 28 जनवरी को प्रकाशित किया था। सर्वोच्च अदालत ने जस्टिस कर्णन के इसी पत्र पर संज्ञान लिया है। कोर्ट इस मामले में जस्टिस कर्णन को नोटिस जारी करेगा और इस मामले में उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ेगा। सूत्रों ने कहा कि कर्णन पर न्याय देने में बाधा पैदा करने के आरोप लगाया जा सकता है।
13 को अपने केस में बहस करेंगे : 
जस्टिस कर्णन ने पहले ही कोलेजियम द्वारा उनके मद्रास से कोलकोता हाईकोर्ट में किए गए स्थानांतरण को चुनौती दे रखी है। इस मामले में वह 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे। उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने की अनुमति मिल चुकी है।

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जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाले कोलेजियम ने मार्च में उनका स्थानांतरण कर दिया था। उन्होंने कहा है कि दलित होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जाता है। पहले उन्होंने स्थानांतरण का विरोध किया था और उन्होंनें आदेश पारित कर उसे स्थागित कर दिया था तथा सीजेआई को नोटिस देकर जवाब मांगा था। लेकिन बाद में वह मान गए। हालोकि उन्होंने मद्रास में अपना बंगला अब भी खाली नहीं किया है।
जस्टिस कर्णन ने पत्र में पीएम को लिखा : 
‘नोटबंदी के बाद जिस तरह से अवैध पैसा पकड़ा जा रहा है और माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार अब कम हो गया है। लेकिन न्याय पालिका में भ्रष्टाचार पूरी तरह से बिना भय के फैला हुआ है। दो पन्नों के पत्र में एक शुरुआती सूची दे रहे हैं जिसमें 20 मौजूदा और पूर्व जजों के नाम हैं।’ इनमें देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा कई हाईकोर्ट जजों के नाम शामिल हैं।

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