नई दिल्ली:
हैदाराबाद बम ब्लास्ट केस में फांसी की सजा काट रहे यासीन भटकल दिल्ली के तिहाड़ जेल से फरार होने की कोशिश कर रहा है। वहीं पुलिस ने तिहाड़ की सुरक्षा बढ़ा दी है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का संस्थापक सदस्य यासीन भटकल आतंकी संगठन ISIS की मदद से जेल से भाग निकलने की फिराक में है। 2013 के हैदराबाद बम ब्लास्ट केस में एनआईए की विशेष अदालत ने यासीन भटकल को मौत की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से वह जेल में बंद है। पिछले दिनों उसे हैदराबाद से तिहाड़ में शिफ्ट किया गया था।
इंडियन मुजाहिदीन (IM) के संस्थापक सदस्य यासीन भटकल का 2015 में फोन इंटरसेप्ट किया गया था। सूत्रों के मुताबकि यासीन ने सीरिया के आतंकी संगठन आईएसआईएस से मदद के सहारे जेल से बाहर आने की बात कही थी। बातचीत में यासीन को अपनी पत्नी जहीदा से कहते हुए सुना गया, 'दमिष्क (सीरिया) से लोग मदद कर रहे हैं, मैं जल्द ही रिहा हो जाऊंगा।'
इस वजह से आशंका जताई जा रही है कि भटकल को जेल से भागने में आतंकी संगठन ISIS से मदद मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार यासिन भटकल को तिहाड़ के जेल नंबर 1 में रखा गया है। तिहाड़ के बाहर गार्ड्स और सीसीटीवी कैमरे लगाए गये हैं। भटकला पहले भी आईएसआईएस से लिंक जुड़ चुका है। भारत-नेपाल की सीमा से जब उसे गिरफ्तार किया गया था तो भी उसने अंगुली उठाते हुए आईएसआईएस लड़ाकों का सिग्नेचर पोज बनाया था।
पिछले साल दिसंबर में एनआईए के स्पेशल कोर्ट ने यासीन भटकल और चार अन्य तहसीन अख्तर, जिया-उर्र रहमान, असदुल्लाह अख्तर और ऐजाज शेख को मौत की सजा सुनाई थी।

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