16 साल की एक लड़की को सोशल नेटवर्किंग साइट ऑरकुट के एक फ्रेंड से मोहब्बत हो गई. वक्त के साथ मोहब्बत का यह रिश्ता इतना मजबूत हुआ कि वह अपने घर से 1300 किलोमीटर का सफर तय कर अपने हमसफर के साथ जिंदगी का हर पल गुजारने के लिए उसके पास पहुंच गई.
11 साल पुराना यह रिश्ता चंद महीनों में ही नफरत में बदल गया. बंगाल के बांकुरा से मध्य प्रदेश के भोपाल शहर पहुंची एक बेहद खूबसूरत युवती फिर लौटकर अपने घर जिंदा नहीं पहुंच सकी. समय का पहिया ऐसा घूमा कि वो तो इस दुनिया से विदा हो गई और उसके शहर पहुंचा तो उसका कातिल.
साइको किलर उदयन को इंडिगो फ्लाइट से रायपुर से कोलकाता ले जाया गया. इधर रायपुर पुलिस भी उदयन का प्रोडक्शन वारंट कोर्ट से मांगेगी. कोर्ट के आदेश मिलने पर पश्चिम बंगाल से उदयन को रायपुर लाया जाएगा. डीडी नगर थाने में हत्या का मुकाबला दर्ज हुआ है. 2010 के बाद से उदयन की पूरी गतिविधियों की जांच की जाएगी. इस दौरान उदयन के पुराने दोस्तों से भी पूछताछ होगी.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उदयन दास ने अपने साथ लिव-इन-रिलेशन में रह रही अपनी प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसके शव को अपने ही घर के अंदर मार्बल का चबूतरा बनाकर दफना दिया. इस महिला से आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती की थी. शव को छह घंटे की मशक्कत के बाद सीमेंट एवं कंक्रीट से आरोपी उदयन के घर में बने चबूतरे को तोड़कर निकाला गया था.
16 साल की उम्र में आकांक्षा का भोपाल के उदयन दास से पहला परिचय 'ऑरकुट' के जरिए हुआ था. 11 साल पहले शुरू हुआ दोस्ती का ये सफर मोहब्बत और लिव इन रिलेशनशिप की राहों से गुजरते हुए मौत पर जाकर खत्म हुआ. 'सोशल दोस्त' ही उसका कातिल बन बैठा. दरअसल, उदयन ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में कई झूठे दावे किए हुए थे. उसकी इन झूठी जानकारियों को सच मानकर आकांक्षा उसके करीब आती गई.
दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता मेल-मुलाकात और करीबी रिश्ते में बदल गया. आखिरकार जून 2016 में घर से नौकरी करने की बात कहकर आकांक्षा भोपाल आ गई. यहां वह उदयन के साथ 'लिव इन' में रहने लगी. उसने परिवार वालों को बताया कि वो अमेरिका में नौकरी कर रही है. साथ रहने के दौरान उदयन के सारे दावों की पोल खुलती गई तो दोनों के रिश्तों में खटास आना शुरू हो गई.
भोपाल के पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) सिद्धार्थ बहुगुणा को मुताबिक, ‘‘पूछताछ के दौरान दास ने पुलिस को बताया कि उसने वर्ष 2010-11 में अपने मां-बाप की गला घोंटकर हत्या कर दी और रायपुर में अपने घर के परिसर में उनके शवों को दफना दिया.’’
आरोपी खुद को आईआईटीयन बताता है तो कभी आईबी अफसर के रूप में अपना परिचय देता था. आकांक्षा से उसने इंडियन फॉरेन सर्विसेस के अधिकारी बनकर दोस्ती की थी. हालांकि, पुलिस की जांच में उसके सारे दावे झूठे साबित हुए. वह महज 12वीं तक पढ़ा है, लेकिन खुद के बारे में उसने फेसबुक पर बढ़ा-चढ़ाकर लिखा हुआ था. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि फेसबुक पर खुद को वह अमेरिकी नागरिक बताता था. फेसबुक पर वह कभी बराक ओबाम के साथ सुबह की मीटिंग तो कभी शाम को ट्रम्प के साथ डिनर करने का अपडेट करता था.

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