महाराष्ट्र में 10 महानगरपालिका के लिए पड़ रहे हैं वोट, बीएमसी चुनाव के लिए सुरक्षा कड़ी - JBP AWAAZ

Breaking

Tuesday, 21 February 2017

महाराष्ट्र में 10 महानगरपालिका के लिए पड़ रहे हैं वोट, बीएमसी चुनाव के लिए सुरक्षा कड़ी

मुंबई। महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका समेत दस महानगरपालिकाओं के लिए मतदान हो रहा है। आज के मतदान से ये तय हो जाएगा कि इस बार किस पार्टी का वर्चस्व रहेगा। बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2017 (बीएमसी) में कुल 227 सीटों के लिए 2275 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा 717 उम्मीदवार निर्दलीय है। वोटों की गिनती गुरुवार (23 फरवरी) को होगी।
सुबह से ही मुम्बई में नेता अभिनेता व जनता अपने मतों का प्रयोग कर रही है। बीएमसी चुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि इसकी तुलना विधानसभा और लोकसभा चुनावों से की जाती है। इस चुनाव में शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी इस बार अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। सुबह साढ़े 7 बजे से मतदान शुरू है।
दूसरे चरण के चुनाव में 3.77 करोड़ मतदाता 10 नगर निगमों, 11 जिला परिषदों और 118 पंचायत समितियों की 3210 सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे 17,331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस चुनाव के लिए अपनी-अपनी पार्टियों का नेतृत्व करते हुये जोर-शोर से चुनाव प्रचार किया। विपक्षी कांग्रेस और राकांपा ने भी अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी।
राज्य में 43,160 मतदान केंद्रों पर मतदान सुबह साढे सात बजे शुरू हुआ। दूसरे चरण में मतदान रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सतारा, सांगली, कोल्हापुर, पुणे, सोलापुर, नासिक, अमरावती और गढ़चिरौली में हो रहा है, इन जिलों की 118 पंचायत समितियों में चुनाव हो रहा है।
जिन 10 नगर निगमों में चुनाव हो रहे हैं उनमें मुंबई, ठाणे, उल्हासनगर, नासिक, पुणे, पिंपरी-चिंचवाड, सोलापुर, अकोला, अमरावती और नागपुर शामिल हैं। मतदान के लिए करीब 43,160 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। चुनाव ड्यूटी पर 2.76 लाख चुनाव कर्मचारी और करीब इतनी ही संख्या में पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
जिला परिषदों और पंचायत समितियों में 1.80 करोड़ से अधिक मतदाता जबकि 10 नगर निगमों में 1.95 करोड़ शहरी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 2275 प्रत्याशी और 92 लाख मतदाता हैं। एशिया के सबसे बड़े स्थानीय निकाय का संचालन पिछले दो दशक से भाजपा के समर्थन से शिवसेना ने किया है। वर्तमान में हो रहे चुनावों के परिणाम देवेन्द्र फडणवीस सरकार का भविष्य तय करेंगे।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करने से पहले शिवसेना की जूनियर साझीदार रही भाजपा ने शिवसेना द्वारा दिए गए सीटों की संख्या के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।

No comments:

Post a Comment

Whatsapp status