घाटी में बैन किए गए 34 पाक-सऊदी कट्टरपंथी चैनल, पाकिस्तानी मीडिया ने किया विरोध - JBP AWAAZ

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Tuesday, 9 May 2017

घाटी में बैन किए गए 34 पाक-सऊदी कट्टरपंथी चैनल, पाकिस्तानी मीडिया ने किया विरोध

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही आतंकवादी घटनाओं, पत्थरबाजी और प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने केबल नेटवर्क से घाटी में प्रसारित किए जाने वाले कुछ पाकिस्तानी और सऊदी कट्टरपंथी टीवी चैनलों पर सख्त रुख अपनाया है. सरकार ने 34 चैनलों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए हैं, जिनमें पाकिस्तान और सऊदी अरब कै चैनल शामिल हैं. चैनलों पर कार्रवाई से पाकिस्तानी मीडिया नाराज है और उसमें प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों को महिमामंडित कर रहा है.

बताते चलें कि राज्य सरकार को इनपुट मिल रहे थे कि केबल ऑपरेटर बिना इजाजत के कुछ चैनलों का प्रसारण करते हैं. इसे देखते हुए सरकार ने हम टीवी, ए टीवी, अब तक न्यूज, अल अरेबिया, अल कुरान, सामना न्यूज, जियो न्यूज, जियो तेज, एक्सप्रेस न्यूज, 92 न्यूज, सऊदी सुन्नाह, सऊदी कुरान, पैगाम, अहलीबाद, हिदायत, मदानी, नूर, कर्बला, सहर, फलक और पीस टीवी पर सख्त रुख अपनाया है. इससे पहले सरकार मोबाइल और इंटरनेट के साथ-साथ 22 सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर एक महीने के लिए रोक लगा चुकी है. इसमें फेसबुक, व्हाट्सऐप, ट्विटर, यू ट्यूब, वीचैट, गूगल प्लस, क्योजोन, स्काइप और स्नैपचैट शामिल थे.

सोशल मीडिया का भी रोलमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घाटी में हो रही पत्थरबाजी में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका है. इंटेलिजेंस एजेंसी ने ऐसे 300 व्हाट्सऐप ग्रुप की पहचान की है, जिसका इस्तेमाल युवाओं को पत्थरबाजी में शामिल करने के लिए कर रहे थे. वहीं, सऊदी और पाकिस्तानी चैनल्स पर भी कट्टरवादी विचारधारा को फैलाने का आरोप है.
सख्ती के खिलाफ पाकिस्तान मीडियापाकिस्तानी अखबार डॉन ने टीवी चैनलों पर इस सख्ती के विरोध में लिखा है और उसमें प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों का गुणगान किया है. उसका कहना है कि उसके कार्यक्रम मनोरंजक के साथ-साथ सूचनाओं को देने के लिए हैं. इससे समाज पर किसी भी तरह का गलत प्रभाव नहीं पड़ रहा है.

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