28 में से 16 उम्मीदवारों का BSF ज्वॉइन करने से इनकार, बताई चौंकाने वाली वजह - JBP AWAAZ

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Monday, 8 May 2017

28 में से 16 उम्मीदवारों का BSF ज्वॉइन करने से इनकार, बताई चौंकाने वाली वजह

नई दिल्लीः सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में इस साल लगभग 60 प्रतिशत अधिकारियों ने शामिल होने से इनकार कर दिया है। जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर फैली अशांति, बीएसफ जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो ने अधिकारियों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। एक न्यूज पेपर की खबर के मुताबिक 2015 में 28 उम्मीदवारों ने यूपीएससी का एग्जाम पास किया, जो कि अर्धसैनिक बलों में रिक्त पदों के लिए आयोजित की गई थी।

उन्हें 2017 में बीएसएफ में एसिसटेंट कमांडेंट की पोस्ट पर ज्वॉइन करना था लेकिन इनमें से 16 ने ज्वॉइन करने से मना कर दिया। अब शायद ही वो कभी अर्धसैनिक बल की परीक्षा में बैठ पाएं। इससे पहले 2016 में 31 में से 17 ने ही ट्रेनिंग शुरू की। उसी साल यूपीएससी की 2013 की परीक्षा में शामिल होने वाले भी सेना में शामिल हुए लेकिन 110 में से 69 ने ही ज्वॉइन किया, जबकि 15 ने ट्रेनिंग के दौरान रिजाइन कर दिया। गृह मंत्रालय के अनुसार बीएसएफ में राजपत्रित अधिकारियों की कुल 5,309 पोस्ट हैं जिनमें से 522 खाली हैं।

अधिकारियों ने बताई चौंकाने वाली वजह
ज्यादातर कैंडिडेट ने बताया कि बीएसएफ उनकी पहली पसंद नहीं है। ज्यादातर की पहली पसंद CISF है। एक ने कहा कि CISF में शहरों में पोस्टिंग होगी, जिससे आगे की पढ़ाई भी की जा सकती है। आईएएस ऑफिसर बनना ज्यादातर पर पहला लक्ष्य है। एक ने तो यहां तक कह दिया कि बीएसएफ में शीर्ष तक नहीं जाने दिया जाता है, ये भी तर्क दिया कि इसमें वेतन वृद्धि भी समय से नहीं होता। अन्य उम्मीदवार का मानना है कि बीएसएफ, सीआरएफ और आईटीबीपी में सभी उच्च पदों पर आईपीएस अधिकारियों को ही होते हैं। एक सामान्य बीएसएफ अधिकारी बड़े पद पर नहीं पहुंच सकता। एक शख्स ने तो यह भी कहा कि लोगों की नजरों में आर्मी की इज्जत बीएसएफ के जवान से ज्यादा होती है। दूसरे ने कहा कि अपनी बेटी के लिए लड़का खोज रहे परिवार की पहली पसंद भी आर्मी वाला होता है बीएसएफ का जवान नहीं।

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