द्वारिका के शंकराचार्य स्वरूपानंद ने एक बार नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए जमकर आलोचना की है।
ख़बरों के अनुसार शंकराचार्य ने कहा कि नोटबंदी मोदी सरकार का एक नाकामयाब फ़ैसला है। अपनी नकामयाबी को छुपाने के लिए देश में नोटबंदी को लागू किया गया है। नोटबंदी के कारण किसानों से लेकर आम आदमी तक को खूब परेशान होना पड़ा है।
शंकराचार्य ने आगे नोटबंदी के फ़ैसले की निंदा करते हुए कहा कि मोदी ने नोटबंदी को लेकर बड़े बड़े दावे किये थे लेकिन एक भी पूरा नहीं हुआ है। देश में अब भी न नकली नोट कम हुए है, न भ्रष्टाचार और आतंकवाद कम हुआ है। उन्होंने नोटबंदी को देश विरोधी बताते हुए कहा कि देश को इसका बहुत खामियाज़ा भुगतना पड़ा है और अगले तीन साल तक भुगतना है।
शंकराचार्य ने आगे बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में अनाप शनाप टैक्स लागू किये थे जिसकी नकामयाबी को छुपाने के लिए नोटबंदी जैसे फ़ैसले को लागु किया गया है। उन्होंने देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि जनता को मोदी भक्त होने के बजाय देशभक्त बनने की ज़रूरत है।
शंकराचार्य ने मोदी सरकार के स्वच्छ भारत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार सड़कों पर घूम रहे आवारा कुत्तों के लिए शौचालय क्यों नहीं बनवाते। उन्होंने ज़्यादातर सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्ट और रिश्वतखोर करार दिया है।
आपको बता दें कि शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री के नोटबंदी के फ़ैसले की पहले भी आलोचना करते हुए इसे तुगलकी फरमान बताया था।

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