नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रगान का प्रचार प्रसार करने के लिए दिशानिर्देश जारी करने की मांग करनेवाली एक याचिका पर शुक्रवार को जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। वकील अश्विनी उपाध्याय ने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय झंडे के प्रचार प्रसार के लिए केंद्र सरकार एक नीति बनाए।
अश्विनी उपाध्याय ने याचिका में कहा है कि भारत राज्यों का एक एसोसिएशन या कांफेडरेशन नहीं है बल्कि ये राज्यों का एक संघ है । यहां एक राष्ट्रीयता (भारतीय), एक राष्ट्रगान(जन गण मन), एक राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम्) और एक राष्ट्रीय झंडा (तिरंगा ) है । इन तीनों का सम्मान करना हर भारतीय का कर्तव्य है । उन्होंने याचिका में कहा है कि सरकार को संविधान की प्रस्तावना के मुताबिक देश की एकता और अखंडता के अलावा हर व्यक्ति की सम्मान की रक्षा के लिए भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए । आपको बता दें कि पिछले साल 30 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सभी सिनेमा हॉल में सिनेमा शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाने का निर्देश दिया था ।

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