'जिस पद्मावती के लिए भंसाली ने खाई मार, वह तो महज एक कोरी कल्पना' - JBP AWAAZ

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Monday, 30 January 2017

'जिस पद्मावती के लिए भंसाली ने खाई मार, वह तो महज एक कोरी कल्पना'

जिस 'पद्मावती' को लेकर इन दिनों जमकर बवाल मचा हुआ है, दरअसल वह कोई चरित्र ही नहीं है. पद्मावती या पद्ममिनी मलिक मोहम्मद जायसी के महाकाव्य 'पद्मावत' की महज एक कल्पना मात्र है. यह कहना है जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय से रिटायर हिस्ट्री प्रोफेसर और इतिहासकार हरबंस मुखिया का.
प्रोफेसर हरबंस मुखिया ने बताया कि दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश के दूसरे शासक अलाउद्दीन खिलजी का काल 1296-1316 का है और जायसी की 'पद्मावत' 1540 में, यानि 250 साल बाद. उनका कहना है कि मलिक मोहम्मद जायसी मलिक मुहम्मद जायसी हिन्दी साहित्य के भक्ति काल की निर्गुण प्रेमाश्रयी धारा के कवि थे, एक सूफी संत थे. वे कोई इतिहासकार नहीं थे.
जायसी की 'पद्मावत' भी एक सूफी अवधारणा पर आधारित है. सूफी अवधारणा के मुताबिक, अल्लाह एक महबूब है और इंसान उसका एक आशिक है. इस अवधारणा में महबूब और आशिक मिलकर फना हो जाते हैं. ये एक तरह का सूफी रोमांस ही है. 'पद्मावत' का भी यही आधार है. पद्मावती कोई वास्तविक चरित्र नहीं है, ये जायसी की एक कल्पना है, जिसे उन्होंने सूफी रोमांस में ढाला था. इतिहास में पद्मावती का कोई जिक्र नहीं है.

बता दें कि फिल्मकार संजय लीला भंसाली 'पद्मावती' नाम से एक फिल्म बना रहे हैं, जिसे लेकर देशभर में बवाल मचा हूआ है. शुक्रवार को राजस्थान के जयपुर में फिल्म की शूटिंग के दौरान करणी सेना ने फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ मारपीट की गई और सेट को भी तोड़ दिया गया. इस दल के लोगों ने फिल्म की कहानी से जुड़े एक तथ्य पर आपत्ति जताते हुए ये कदम उठाने का दावा किया है. जयपुर के मशहूर जयगढ़ किले में शुक्रवार को चल रही फिल्म की शूटिंग के दौरान ये प्रदर्शन किया गया.
न्यूज18इंडिया से बातचीत करते हुए करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह ने आरोप लगाया है कि ये फिल्म गलत तथ्यों पर बनाई जा रही है और यही कारण है कि हम इसका विरोध कर रहे हैं.
महिपाल सिंह का कहना है कि रानी पद्मावती के साथ अलाउद्दीन खिलजी का जो रोमांस दिखाने की कोशिश, कथित तौर पर फिल्म में की जा रही है, वो सरासर गलत है. उन्होंने कहा कि पद्मावती वो महिला थीं जिन्होंने अपनी आन-बान-शान के लिए जौहर किया था.
करणी सेना के इस कदम पर हरबंस मुखिया का कहना है कि दरअसल, इतिहास के साथ छेड़छाड़ करणी सेना जैसे दलों के लोग करते हैं, जो राष्ट्रवाद के नाम पर इस तरह के हिंसक कदम उठा रहे हैं.
सिर्फ जायसी की 'पद्मावत' में है पद्मावती
इस रचना के मुताबिक, रतनसेन ऐतिहासिक व्यक्ति है, वह चित्तौड़ का राजा है, पद्मावती उसकी वह रानी है जिसके सौंदर्य की प्रशंसा सुनकर तत्कालीन सुल्तान अलाउद्दीन उसे प्राप्त करने के लिए चित्तौड़ पर आक्रमण करता है और युद्ध में विजय प्राप्त करता है, लेकिन पद्मावती के मृत्यु के कारण उसे नहीं प्राप्त कर पाता है.
क्या है फिल्म की कहानी
‘पद्मावती’ राजस्थानी पृष्ठभूमि की कहानी है. फिल्म में शाहिद कपूर पद्मावती के पति और राजपूत शासक राजा रतन सिंह की भूमिका में हैं. इसके अलावा इस फिल्म में रनवीर सिंह सल्तनत काल में दिल्ली के शासक अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका निभा रहे हैं, जिसे रानी पद्मावती से प्रेम हो गया था. फिल्म में पद्मावती की भूमिका दीपिका पादुकोण निभा रही हैं.
जोधा नाम की अकबर की कोई पत्नी ही नहीं थी
भले ही आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'जोधा-अकबर' ने बॉक्स ऑफिस पर खूब कमाई की हो, लेकिन सच तो ये है कि इतिहास में जोधा नाम की अकबर की कोई पत्नी ही नहीं थी. ये भी महज एक कल्पना ही है, जिसे बॉलीवुड ने भुनाया है. इतिहासकार हरबंस मुखिया ने बताया कि, कुछ इतिहासकारों ने आशुतोष गोवारिकर से इसको लेकर सवाल भी किए थे.
बाजीराव-मस्तानी की प्रेम कहानी है सच्ची
हरबंस मुखिया का कहना है कि बाजीराव-मस्तानी की प्रेम कहानी सच्ची है. संजय लीला भंसाली की फिल्म 'बाजीराव-मस्तानी' के बारे में उन्होंने कहा कि, ये फिल्म उन्होंने नहीं देखी है इसलिए फिल्म के बारे में वे कुछ नहीं कह सकते. साथ ही उन्होंने कहा कि, लेकिन बाजीराव-मस्तानी की प्रेम कहानी एक सच्ची घटना है.

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