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Wednesday, 21 December 2016

हैवानियत: चार गोली मारी, कुल्हाड़ी से काटा, जलाया, राख खेत में डाल गेहूं, मसूर और बैंगन की फसल व सब्जी लगा दी

मंगलवार को संजीवनी नगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए  अंधे हत्याकांड का खुलासा किया. घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने आरोपियों की दरिंदगी की जो दस्तान सुनाई उसे सुनकर हर शख्स दंग रह गया। हत्या का कारण मुख्य आरोपी का मृतक की पत्नी से अवैध संबंध और प्रॉपर्टी का विवाद बताया जा रहा है।

पिता की शिकायत पर सक्रिय हुई थी पुलिस

एसपी एमएस सिकरवार ने बताया कि 10 नवंबर की शाम महादेव परिसर धनवंतरी नगर में रहने वाले जितेन्द्र के पिता रूपनारायण दुबे (61) ने शिकायत की थी कि उसका बेटा 8 नवंबर से लापता है। इसके बाद एएसपी क्राइम देवेन्द्र सिंह राजपूत और एएसपी शहर जीपी पाराशर ने गोरखपुर सीएसपी अंजुलता पटले, सीएसपी कैंट एमपी प्रजापति के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने जितेन्द्र और उसकी पत्नी के निजी जिंदगी पर फोकस किया तो अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया।

आखिरी बार राकेश के साथ दिखा था जितेन्द्र

जांच के दौरान पता चला कि जितेन्द्र का उसकी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसका कारण उसके साथ बरगी में प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहे चौकीताल निवासी राकेश पटेल के साथ उसकी पत्नी का संबंध होना था। प्रॉपर्टी को लेकर भी उसका राकेश से विवाद चल रहा था। लापता होने से पहले आखिरी बार जितेन्द्र को राकेश के साथ देखा गया था।

हत्या के दौरान पार की दरिंदगी की हद

पुलिस ने आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया। राकेश ने बताया कि उसका प्रॉपर्टी का विवाद जितेन्द्र से चल रहा था। उसकी पत्नी से भी उसका संबंध है। इसकी भनक जितेन्द्र को लग गई थी। वह उससे भी गाली-गलौच करने लगा था। राकेश को डर सता रहा था कि यदि उसने जितेन्द्र को नहीं मारा, तो वह उसकी हत्या कर देगा। इसी डर से उसने हत्या का प्लान बना और उसकी के मुताबिक जितेन्द्र को अपने फार्म हाउस ले गया। वहां उसे शराब पिलाने के बाद पीछे से चार गोली मारी। लेकिन फिर भी उसकी सांसें चलती देख गले पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसे धड़ से अलग कर दिया और हत्या का सबूत मिटाने के लिए 20 लीटर डीजल डालकर उसके शव फूंक दिया। शव के जलने के बाद ड्रम में भरे पानी में राख, हड्डियां, जली मिट्टी भरकर अपने कर्मचारी हुकुम सिंह और साथी चौकीताल निवासी नीरज पटेल के साथ मिलकर ड्रम में भरे पानी को 300 मीटर खेत में फेंकी और उसे ट्रैक्टर से जोतकर गेहूं, मसूर और बैंगन की फसल व सब्जी लगा दी।

आरोपी राकेश ने सबूत छुपाने के लिए जितेन्द्र की घड़ी तो उतार ली,लेकिन उसके हाथ से अंगूठी नहीं उतार पाया था। खुदाई के दौरान मृतक की अंगूठी और ह़िड्डयां मिली है। जिसे जांच के लिए भेजा गया है।

हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि डेढ़ साल से वह राकेश के संपर्क में है। कुछ दिनों पहले जितेन्द्र को इसकी जानकारी हो गई थी। इसके बाद 8 नवंबर को राकेश ने जितेन्द्र की तेवर स्थित अपने फॉर्म हाउस में ले जाकर हत्या की योजना बना डाली। हत्या के बाद आरोपी ने इसकी जानकारी मैसेज से मृतक की पत्नी को दी थी। उसने वह मैसेज मोबाइल से हटा दिया था।

 

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