नई दिल्ली। नोटबंदी का आज 32वां दिन है लेकिन एटीएम मशीनों और बैंकों के बाहर कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और आज से केवल एटीएम मशीनें ही आम आदमी का सहारा रह गई हैं क्योंकि पहले शनिवार और रविवार और फिर उसके बाद सोमवार को ईद की छुट्टी के चलते बैंक अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे। बैंक बंद रहने के कारण ना ही बैंकों से कैश निकल पाएगा और ना ही लोग पुराने नोट बदल पाएंगे।
अब इन तीन दिनों में अगर आपको वीकएंड पर कोई खास प्रोग्राम बनाना है और आपको पैसों की जरूरत है तो लाइनों में घंटों खड़े रहने के अलावा आपके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसके अलावा एक और सरकारी डेडलाइन ये है कि रेलवे और मेट्रो में भी 500 रुपये के पुराने नोट चलाने का आज आखिरी दिन है। कल से रेलवे का टिकट काउंटर हो या फिर मेट्रो कार्ड का रीचार्ज वहां पुराने नोट नहीं चलेंगे।
अब सवाल ये है कि नोटबंदी के 32वें दिन जब सरकारी दावा ये है कि 80 फीसदी से ज्यादा एटीएम मशीनों में दो हजार के नए नोटों के मुताबिक जरूरी बदलाव कर दिए गए हैं तो भी एटीएम मशीनों के बाहर कतारें घटने का नाम क्यों नहीं ले रही हैं? सच्चाई ये है कि मसला चाहे एटीएम मशीनों की तकनीकी मजबूरियों का हो या कैश की कमी का लेकिन अभी भी चालू और कैश से लबालब एटीएम की गिनती जरूरत से काफी कम है। न्यूज18इंडिया ने एटीएम मशीनों की हकीकत सामने लाने के लिए देश के 25 राज्यों में एक बड़ा सर्वे किया। इस सर्वे के नतीजे चौकाने वाले हैं।
25 राज्यों के 2858 एटीएम के सर्वे किया गया जिसमें 1819 एटीएम काम नहीं कर रहे थे और महज 1039 एटीएम ही काम कर रहे थे। सर्वे के नतीजों के मुताबिक देशभर के 63.65 फीसंद एटीएम काम नहीं कर रहे हैं यानि महज 36.35 फीसद एटीएम ही काम करते पाए गए। ये नतीजे हैरान करने वाले जरूर हैं लेकिन शायद यही सबब है एटीएम मशीनों के बाहर दिख रही लंबी कतारों का उससे भी बड़ी बात ये है कि यही कतारें आने वाले तीन दिन और भी ज्यादा डराने वाली होंगी।
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